Saturday, 15 February 2014

शब्द छूले तुम्हे मेरे

छोड़ दूँ या रहने दूँ
तुम्हे आवाज़ दूँ या
ख़ामोशी को ही कहने दूँ

शब्द छूले तुम्हे मेरे
या आँखों को ही प्यार का सन्देश
भेजने को कह दूँ

दिल के सन्दुकरी में
अरमान कई छुपे है
धीरे-धीरे सब बोल दूँ....

कोई पुकारता नहीं फिर भी
आवाज़ सुनती हूँ
कोई बंधन नहीं
फिर भी कैद तुझ
में हूँ

सपने देखू तेरे ही मैं
दिन में खुली आँखों से,
हाथ बढ़ा चाहू छूना तुझे
तुम हो जाते गुम

दिल के सन्दुकरी में
अरमान कई छुपे है
धीरे-धीरे सब बोल दूँ...


दिवाली मङ्गलमय हो

धन बरसे उमंग बरसे दीवाली में, हर तरफ से माँ लक्ष्मी की आप पर कृपा बरसे। कुछ दीये बाज़ार से ज्यादा ख़रीदे ताकि उसका घर भी जगमगाये जिसने...