थोड़ा रुक जाओ, अपने दिल की बात सुनो।
जल्दी मत करो, अभी समय है समझने का।
जैसे कच्चे आम को धीरे-धीरे चखते हैं,
वैसे ही जीवन को आराम से महसूस करो।
डरो मत कि तुम डूब जाओगे,
बस खुद में झाँको और ठहर जाओ।
अब तक तुम बाहर की दुनिया में उलझे रहे,
थोड़ा अपने अंदर भी देखो।
अपने दिल को अपने ही नाम कर दो,
और खुद को समझने की कोशिश करो।
जो लोग तुम्हें परेशान करते हैं, उनसे छिपने की जरूरत नहीं,
बस थोड़ा रुककर खुद को संभालो।
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