Tuesday, August 22, 2023

अगर तुम न होते

 अगर तुम न होते

कितनी उदास होती ये ज़िंदगी कितना बेरंग होता ये हर दिन कितना खाली होता ये दिल अगर तुम न होते कितना मुश्किल होता ये जीना कितना अकेला होता ये सफर कितना डर लगता होता ये हर कदम पर अगर तुम न होते कितनी बेमतलब होती ये दुनिया कितना नीरस होता ये जीवन कितना अधूरा होता ये प्यार तुम हो ना इसलिए ये ज़िंदगी है सार्थक ये हर दिन है रंगीन ये दिल है भरा है प्यार से तुम हो ना इसलिए ये दुनिया है सुंदर ये जीवन है खुशनुमा ये प्यार है बेमिसाल

Rinki

जो जीते हैं, वही-न-ख़ुद का दफ्तर है मुश्किल में कहीं का दफ्तर है-जौन एलिया

 पढ़ रहा हूँ मैं कागज़ों-बसूदा और नहीं और है का दफ्तर है कोई सोचे तो सोचे कैसे जीएँ सारा दफ्तर ग़मों का दफ्तर है हमसे कोई तो करे इशारा ...