फ़ोन बजा। बूढ़े ने "हैलो" कहा।
सामने से एक लड़का बोला, "सर, अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा, अभी वेरिफाई करना पड़ेगा।"
बूढ़े ने धीरे से कहा, "बेटा मुझे ये सब नहीं आता। मेरे बच्चे शाम को आएँगे, तब बात करना। मैं अस्सी साल का हूँ, कैंसर का मरीज़ हूँ।"
फ़ोन पर कुछ देर सन्नाटा रहा।
फिर लड़के की आवाज़ आई, "सर... माफ़ करना। मैं फ्रॉड करने के लिए फ़ोन किया था।"
बूढ़ा चुप रहा, फिर पूछा, "क्यों करते हो बेटा ये सब? इतने ईमानदार लगते हो।"
लड़का रुक गया। फिर बोला, "माँ को कैंसर है सर। इलाज के लिए पैसे नहीं हैं।"
इतना कहते ही वो रो पड़ा।
फ़ोन के दूसरी तरफ़ बूढ़ा भी रोने लगा।
दो अजनबी, जिन्हें एक-दूसरे का नाम भी नहीं पता था, फ़ोन पर अपना-अपना दर्द बाँट रहे थे।