एक ही दिल है, कितनी बार टूटेगा-Rinki

  भाग – 1 रात के लगभग ग्यारह बज रहे थे। कमरे की हल्की पीली रोशनी में छत पर लगा पंखा लगातार घूम रहा था। वह बिस्तर पर चुपचाप लेटी हुई उसे देख...