गोली खाकर
एक के मुँह से निकला - 'राम'। दूसरे के मुँह से निकला- 'माओ'। लेकिन तीसरे के मुंह से निकला- 'आलू'। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट है कि पहले दो के पेट भरे हुए थे। 【सर्वेश्वरदयाल सक्सेना】Everyone does have a book in them. Here is few pages of my life, read it through by my stories,poetry and articles.
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मेरे धागे लौटा दो, माधव
मेरे धागे लौटा दो, माधव 1. मेरे धागे लौटा दो माधव, मेरी मन्नत अधूरी रह गई, जिस आस में बाँधा था धागा, वो आस कहीं दूर बह गई। तेरे द्वार पर स...
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मेरे सपनो को जानने का हक रे क्यों सदियों से टूट रही है इनको सजने का नाम नहीं मेरे हाथों को जानने का हक रे क्यों बरसों से खली पड़ी हैं इन्हें...
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इस घट अंतर बाग़-बग़ीचे, इसी में सिरजनहारा। इस घट अंतर सात समुंदर, इसी में नौ लख तारा। इस घट अंतर पारस मोती, इसी में परखन हारा। इस घट अंतर अन...
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उन दिनों आदमी जंगलों में भटकता फिरता था। आदमी की तरह ही पेड़ भी घूमते-फिरते थे। आदमी उनसे जो कुछ भी कहता, वे उसे सुनते-समझते थे। जो कुछ भी...
तीन बच्चे
ReplyDeleteतीन तरह के
करोड़ो पैदा ही
कहते हैं
मोदी
अच्छा व्यंग्य
सादर
Sahi Kaha
ReplyDeleteवाह
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