Monday, June 15, 2026

ये मोहब्बत नहीं होती साकी

 खुद को मिटा कर जीना, ये मोहब्बत नहीं होती साकी,

अपनी ही परछाई से डरना, ये चाहत नहीं होती साकी,
जिसको चाहो दिल से चाहो, मगर खुद को न भूल जाना,
वरना ये उल्फ़त भी, इक आदत बन जाती है साकी।

किसी के इंतज़ार में, उमर गुज़ार देना आसान नहीं साकी,
पर खुद को भी वक़्त देना, ये कोई गुनाह नहीं साकी,
जो तुम्हारे बिना चल सके, उसे चलने दो ख़ुशी से,
तुम्हारा वजूद किसी के जाने से, कम नहीं साकी।

गिरना सबके नसीब में है, पर सम्भलना भी ज़रूरी है साकी,
खुद को धूल बनाने से पहले, खुद की क़ीमत समझो साकी,
जो लोग तुम्हारी एहमियत न समझें, उनके पीछे क्या भागना,
अपनी क़द्र खुद करो, किसी का मोहताज नहीं साकी।

इश्क़ करो दिल खोल कर, पर अपनी शान न गँवाओ साकी,
ख़्वाबों में खो जाओ, मगर होश न भुलाओ साकी,
जिसे जाना है उसे जाने दो, ये ज़िंदगी का दस्तूर है,
जो तुमसे वफ़ा करे वही, तुम्हारा सच्चा सहारा है साकी।


Rinki

No comments:

Post a Comment

Thanks for visiting My Blog. Do Share your view and idea.

नीम करौली बाबा: समाधि लेने के बाद भी आज तक हो रहे हैं ये हैरान कर देने वाले चमत्कार!

  भारत में कुछ संतों की कहानियां सिर्फ उनके जीवनकाल तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उनके जाने के बाद भी श्रद्धालुओं के अनुभवों के ज़रिए जिंदा र...