Sunday, July 4, 2021

जब ख़ुदा से लव लगाई जाएगी- sanjar gazipuri

 जब ख़ुदा से लो लगाई जाएगी

फिर दुआ कब कोई ख़ाली जाएगी

ताकते हैं दिल वो मेरा बार बार

क्या कोई हसरत निकाली जाएगी

आँख मिलते ही किसी मा'शूक़ से

फिर तबीअ'त क्या सँभाली जाएगी

गर कभी चमकेगी वो बर्क़-ए-जमाल

आँख फिर कब उस पे डाली जाएगी

हाय कब होगा उन्हें मेरा ख़याल

आह बेकस की ख़ाली जाएगी

छोड़िए अब शर्म ये फ़रमाइए

हसरत दिल की कब निकाली जाएगी

सोंंच कर ये उन को छेड़ा हम ने आज

मुँह से उन के कुछ दुआ ली जाएगी

कम-सिनी की ज़िद जवानी में भी है

इन की कब ये ख़ुर्द-साली जाएगी

सख़्त-जाँ 'संजर' हुआ है इश्क़ में

तेग़ अब क़ातिल की ख़ाली जाएगी

आप सभी पाठक मित्रो के सहयोग से मेरी काव्य संकलन की पुस्तक " उड़ान " प्रकाशित हो गई है।  आप सब का हार्दिक धन्यवाद।



BUY BOOK ONLINE
Link to buy book



जौन एलिया

  जौन एलिया एक एहसास हैं—जहाँ इंसान अपने ही विचारों में उलझा रहता है, रिश्तों की सच्चाई को समझने की कोशिश करता है, और भीतर से खुद को खोजता र...