Monday, March 30, 2026

जौन एलिया

 

जौन एलिया

एक एहसास हैं—जहाँ इंसान अपने ही विचारों में उलझा रहता है, रिश्तों की सच्चाई को समझने की कोशिश करता है, और भीतर से खुद को खोजता रहता है।

1.
मैं भी बहुत अजीब हूँ, इतना अजीब हूँ कि बस
खुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं।

 

2.
इलाज ये है कि मजबूर कर दिया जाऊँ,
वर्ना यूँ तो किसी की नहीं सुनी मैंने।

 

3.
बहुत नज़दीक आती जा रही हो,
बिछड़ने का इरादा कर लिया है क्या?”

 

4.
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई,
लेकिन यक़ीन सबको दिलाता रहा हूँ मैं।

 

5.
कौन इस घर की देखभाल करे,
रोज़ इक चीज़ टूट जाती है।

 

6.
अब नहीं कोई बात ख़तरे की,
अब सभी को सभी से ख़तरा है।

 

7.
तुम्हारा हिज्र मना लूँ अगर इजाज़त हो,
मैं दिल किसी से लगा लूँ अगर इजाज़त हो।

 

8.
हम कहाँ और तुम कहाँ जानाँ,
हैं कई हिज्र दरमियाँ जानाँ।

 

थोड़ा रुक जाओ- जौन एलिया

 थोड़ा रुक जाओ, अपने दिल की बात सुनो।

जल्दी मत करो, अभी समय है समझने का।

जैसे कच्चे आम को धीरे-धीरे चखते हैं,
वैसे ही जीवन को आराम से महसूस करो।

डरो मत कि तुम डूब जाओगे,
बस खुद में झाँको और ठहर जाओ।

अब तक तुम बाहर की दुनिया में उलझे रहे,
थोड़ा अपने अंदर भी देखो।

अपने दिल को अपने ही नाम कर दो,
और खुद को समझने की कोशिश करो।

जो लोग तुम्हें परेशान करते हैं, उनसे छिपने की जरूरत नहीं,
बस थोड़ा रुककर खुद को संभालो।

जौन एलिया

  जौन एलिया एक एहसास हैं—जहाँ इंसान अपने ही विचारों में उलझा रहता है, रिश्तों की सच्चाई को समझने की कोशिश करता है, और भीतर से खुद को खोजता र...