Saturday, 18 January 2014

वो लड़की

कूड़े के ढेर से बच्चे के
रोने की आवाज़ आई
जैसे वो अपने होने
पर रो रहा हो
लोग इकठा हुए,भीड़ लगी

किसी को दया आई
किसी ने माँ को कलंकनी कहा
समाज के संवेदनहीनता पर
सर झुकाए सब चुप खड़े थे

ये बच्चा मेरे गोद में होता
तो मेरे जीवन सफल होता
ये करुण से भरी आवाज़
एक निसंतान माँ की थी
ममता के वेग में
आगे आ कर  बोली
मैं इसे पालूगी
अपने जीवन का आधार बना लूगी
उसके पति ने सहमती से सर हिलाया

एक नव दम्पति ने ठीक ऐसा
ही दावा किया
उस लावरिस को पाने को अब  दो परिवार
दावेदार थे

इतने शोर में पुलिस आई
सिपाही ने बच्चे को उठाया
कहा, कितनी सुन्दर बच्ची है

पास खड़े दोनों परिवारों ने एक दूसरें
को घूर कर देखा
भीड़ छट गई
अखबरों ओर टी. वी में ख़बर आई

अब वो लड़की किसी अनाथालय
में पड़ी है
इस मतलबी,निर्मम दुनिया से
बिना किसी सवाल-जावाब किए
अपने खाली आँखों में सपने सजाए हुए
ऐसे स्वर्ग की जो कही नहीं है
बस उसकी बाते है..

दिवाली मङ्गलमय हो

धन बरसे उमंग बरसे दीवाली में, हर तरफ से माँ लक्ष्मी की आप पर कृपा बरसे। कुछ दीये बाज़ार से ज्यादा ख़रीदे ताकि उसका घर भी जगमगाये जिसने...