Sunday, 25 January 2015

सरस्वती वंदना


विद्या, बुद्धि,संस्कार और समझदारी देने वाली माँ सरस्वती
मैं अपने करजोड़ तुझसे क्षमा  चाहती हूँ |
तेरे तिरस्कार,अपमान के लिए
सरस्वती पूजन में बजाए जाने वाले अश्लील संगीत
कान-फोडू अभद्र गानों के लिए|
 
आदर और सम्मान के स्थान पर मोज-मस्ती
नेतिकता को तक पर रख देने वाले वाहियात
नंगा नाच करते बच्चो के तरफ से
 
सब चलता है, संस्कृति को मानाने वाले
समाज के लोगो,माता-पिता जो कुछ ना कहा कर
इस अश्लील प्रथा को स्वकृति देने वाले |
 
पुलिस,प्रशासन के गुगेपन और बहरेपन के लिए
क्षमा  प्रार्थी हूँ |
 
मैं सोचती हूँ, जिस देश के करोड़ो बच्चे
शिक्षा से दूर है,जिस देश के बच्चे त्यहारो के नाम पर
जबरजस्ती चंदा वसूलते है |
जीवन के कीमती समय को त्यहारो के नाम पर व्यर्थ करते है |
किसी रीती-रिवाज का मूल अर्थ जाने बिना सिर्फ उसे मानते है|
मनोरंजन के नाम पर विदेशो द्वारा फलाए बाजारवाद में फसे जाते है
उस देश में इतने ताम-झाम से
विद्या दाती सरस्वती को पूजने का क्या महत्व रह जाता है?
 
हे विद्या दाती, दे दे कुछ विवेक हमें सही- गलत में भेद करे|
साहस दे बड़ो को गलत को रोक सके|
बुद्धि दे बच्चो को सरस्वती का असली मंत्र समझ सके|


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