Thursday, 1 January 2015

नया साल

सारी दुनिया झूमे एक दिन
सब के कदम थिरके एक ताल से
सब मिलके बोले एक ही भाषा
कहे आया नया साल है

देश-धर्म, जात-पात
किनारे रख के
सब दे बधाई सब को
कहे आया नया साल है

संकल्प बुराई को मिटने
विश्व शांति की तरफ
पहला कदम बढाने को आया अवसर इसवर है
नया वर्ष नए रंगों से भरा हो

सब मिलकर नया साल मनाए..


Rinki

कल्पवृक्ष ! है हम सभी

बहुत देर तक चलते रहने से वो थक गया थाI एक विशाल पेड़ के नीचे आकर उसने कहा आराम कर लेता हूँ और उसका मन और शरीर थकान से मुक्त हो गयाI उसके ...