Everyone does have a book in them. Here is few pages of my life, read it through by my stories,poetry and articles.
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मैं हैरान हूं यह सोचकर -महादेवी वर्मा
किसी औरत ने क्यों नहीं उठाई उंगली ? तुलसी दास पर , जिसने कहा , “ ढोल , गंवार , शूद्र , पशु , नारी , ये सब ताड़न के अधिकारी। मैं ...
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मेरे सपनो को जानने का हक रे क्यों सदियों से टूट रही है इनको सजने का नाम नहीं मेरे हाथों को जानने का हक रे क्यों बरसों से खली पड़ी हैं इन्हें...
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मुल्ला नसरुद्दीन एक सड़क से गुजर रहा था। शाम का समय था और अंधेरा उतर रहा था। अचानक उसे बोध हुआ कि सड़क बिल्कुल सूनी है, कहीं कोई नहीं है और वह...
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इस घट अंतर बाग़-बग़ीचे, इसी में सिरजनहारा। इस घट अंतर सात समुंदर, इसी में नौ लख तारा। इस घट अंतर पारस मोती, इसी में परखन हारा। इस घट अंतर अन...
आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज सोमवार 13 जनवरी 2020 को साझा की गई है...... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!
ReplyDeleteबहुत धन्यवाद आपके टिपणी के लिए।
Deleteबहुत ही सुन्दर प्रस्तुति :)
ReplyDeleteबहुत दिनों बाद आना हुआ ब्लॉग पर प्रणाम स्वीकार करें
बहुत धन्यवाद आपके टिपणी के लिए।
Deleteबहुत ही उत्कृष्ट नज़्म , अभिवादन
ReplyDeleteबहुत धन्यवाद आपके टिपणी के लिए।
DeleteGreat poem
ReplyDeleteThis poem beautifully captures the essence of passion and life's journey.
ReplyDeleteThanks
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