Thursday, July 6, 2017

मैं और तुम


मुझसे ये सवाल न पूछ
की
मैं कैसी हूँ?
मैं तो
रात जैसी हूँ
जो दिन के उजाले में
तुम्हे
दिखाई नहीं दूंगी

और
तुम हो वो सूरज हो
जो मेरे अन्दर कभी  ढलता
ही नहीं

यही फर्क है हम दोनो मे...




रिंकी

दोस्त पुराने

न जाने कितने दिनों के बाद कुछ दोस्तों से मुलाकात हुई मैं देखती उन्हें छूती उन्हें आँखों से पढ़ती यादों के पन्नों को...