ऐसी स्त्री से
जो बाहर से शांत, पर भीतर से तूफानों से घिरी हो जिसकी आंखों में ठहरी हुई नमी किसी अधूरी दास्तान की गवाही देती हो उसकी मुस्कान के पीछे एक लंबी, गहरी चुप्पी छिपी रहती हो जिसने हर हंसी से पहले अपने आंसुओं को रोका हो। तुम्हें प्रेम नहीं करना चाहिए ऐसी स्त्री से क्योंकि अगर उसने तुम्हें चाह लिया, उसकी चाहत साधारण नहीं रहेगी तुम्हें अपना संपूर्ण आकाश बना लेगी, और खुद एक नक्षत्र की तरह तुम्हारी परिक्रमा करती रहेगी वो अपनी टूटी किरचियों को तुम्हारे स्पर्श से जोड़ने लगेगी, हर अधूरी दुआ में तुम्हारा नाम बुन देगी, तुम्हारे हर शब्द में एक ब्रह्मांड खोज लेगी। वो तुम्हें सिर्फ चाहेगी नहीं वो तुम्हें जीने लगेगी, तुम्हारे मौन में भी संवाद सुनेगी तुमसे दूर होकर भी तुम्हारे पास होने का भ्रम पाल लेगी। वो भूल जाएगी सब कुछ अपने जख्मों की सभी वजह को और तुम्हें अपना मरहम मान लेगी तुम उसकी अंधेरी दुनिया के सूरज बन जाओगे वह रौशनी से जगमगा उठेगी अगर तुमने, उस प्रेम की गहराई को न समझा उसके समर्पण की भाषा न पढ़ सके, तो याद रखना इस संसार में तुमसे बड़ा अभागा कोई नहीं!! ~ सदफ इक़बालEveryone does have a book in them. Here is few pages of my life, read it through by my stories,poetry and articles.
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