मैं अधूरे इश्क़ की दरगाह पर नहीं झुकती

  तेरी मोहब्बत अगर पूरी इबादत नहीं , तो मैं उस सजदे से उठ जाती हूँ। क्योंकि आधा प्रेम ख़ुदा तक नहीं पहुँचता , वो बस दिल को थका देता ह...