Thursday, 16 May 2013

इंतजार


किसी को देखने का
किसी से प्यार पाने का
सुबहे को रात का
रात को सुबहे का
बचपन को जवानी
जवानी को शोहरत का
ता उम्र इंतजार ज़िंदगनी का

कल्पवृक्ष ! है हम सभी

बहुत देर तक चलते रहने से वो थक गया थाI एक विशाल पेड़ के नीचे आकर उसने कहा आराम कर लेता हूँ और उसका मन और शरीर थकान से मुक्त हो गयाI उसके ...