Saturday, November 9, 2019

पुरानें दोस्त मिले


किताबो के भीतर
मेरे सपनो की दुनिया बसी है
पन्ना बदलते ही बचपन दिखा
पुरानें दोस्त मिले

ख़ुशी,उमंग,झूठे ओर सच्चे
बातो की कहानी मिली
स्कूल की डेस्क पर
कॉलेज के दिनों के तस्वीर मिले

एक पुरानी किताब
के पन्नो में दबा प्यार मिला
गुलाब की पंखुडियो पर लिखा
उसका नाम मिला

सपनो को किताबो से प्रेरणा मिली
जिन्दगी का हर रूप किताबो से ढला
ये वो दोस्त है जो रूठे न कभी
अलमारी में बैठे  मुस्कुराते रहे

सवाल दर सवाल
जब कभी किसी नए सवाल
का जवाब न  मिले
तब अपनी किताब का
पन्ना पलटे

No comments:

Post a Comment

Thanks for visiting My Blog. Do Share your view and idea.

इसी से पहले अँधेरा मेरे अंदर से ख़त्म कर दे मुझे- Rinki

मेरी रूह के वीरान कमरों में कोई सहर भर दे मुझे। तुम मुझे चाँद की तरह देखो, बेदाग़ न सही मगर अपना, मेरी ख़ामोशियों को लफ़्ज़ दो, मेरी नज़रो...